राजस्थान संविदा सेवा नियम 2022: NHM एवं अन्य योजनाओं में संविदा नियुक्तियों के लिए जानिए सम्पूर्ण नियम

🏛️ राजस्थान संविदा सेवा नियम 2022: NHM एवं अन्य योजनाओं में संविदा नियुक्तियों के लिए जानिए सम्पूर्ण नियम

राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2022 को अधिसूचित किए गए “राजस्थान CSR(संविदा) पर नियुक्ति नियम, 2022” के माध्यम से अब प्रदेश में विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं के तहत संविदा पर नियुक्ति की प्रक्रिया को एकसमान एवं पारदर्शी स्वरूप दिया गया है। यह नियम 30 सितंबर 2023 तक के संशोधनों सहित लागू हैं।


📌 नियम का उद्देश्य

राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं, जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), शहरी मिशन, जिला स्वास्थ्य योजना, महिला एवं बाल विकास परियोजनाएं आदि के तहत समय-सीमा आधारित योजनाएं चलाती है। इन योजनाओं में विशेषज्ञ, तकनीकी एवं मानव संसाधन की आवश्यकता होती है, जिनकी सेवा नियमित सेवा नियमों में परिभाषित नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए इन नियमों को लागू किया गया।


📝 संविदा पर नियुक्ति से जुड़े प्रमुख बिंदु:

1️⃣ नियम का नाम और प्रारंभ

👉 इसे “राजस्थान CSR (संविदा) पर नियुक्ति नियम, 2022” कहा जाता है।
👉 यह नियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी माने जाएंगे।


2️⃣ नियुक्ति की प्रक्रिया

👉 संविदा नियुक्ति सार्वजनिक विज्ञापन के माध्यम से की जाएगी।
👉 चयन प्रक्रिया संबंधित विभाग द्वारा कार्मिक विभाग की सहमति से निर्धारित की जाएगी।


3️⃣ आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष (आवेदन की अंतिम तिथि के बाद वाले वर्ष की 1 जनवरी तक)
  • अधिकतम आयु: 40 वर्ष
  • आरक्षित वर्गों के लिए छूट:
    • SC/ST/OBC/EWS (पुरुष): +5 वर्ष
    • सामान्य महिला: +5 वर्ष
    • SC/ST/OBC/EWS महिला: +10 वर्ष

4️⃣ योग्यता एवं पात्रता

👉 शैक्षणिक योग्यता, अनुभव एवं उत्तरदायित्व संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित होंगे।
👉 अभ्यर्थी को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ, नैतिक रूप से उत्तम एवं आपराधिक रिकॉर्ड से मुक्त होना चाहिए।


5️⃣ सेवा अवधि

  • प्रारंभिक संविदा नियुक्ति अधिकतम 5 वर्ष या परियोजना समाप्ति तक होगी।
  • आवश्यकता अनुसार 3-3 वर्षों की अवधि के लिए नवीनीकरण हो सकता है।
  • 60 वर्ष की आयु से आगे संविदा नहीं बढ़ेगी।
  • कार्य का मूल्यांकन प्रत्येक वर्ष किया जाएगा।

6️⃣ वेतन एवं अन्य लाभ

  • नियुक्ति पर एकमुश्त मासिक वेतन देय होगा (विभाग द्वारा निर्धारित)।
  • प्रत्येक वर्ष 5% वेतन वृद्धि
  • स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (₹1500/वर्ष), दुर्घटना बीमा (₹500/वर्ष) की प्रतिपूर्ति।
  • NPS में सरकार की ओर से 10% योगदान (50% तक)।
  • कोई बोनस नहीं।
  • TDS लागू होगा।

7️⃣ अवकाश सुविधा

  • 12 दिन आकस्मिक अवकाश प्रति वर्ष।
  • 20 दिन अर्द्ध वेतन अवकाश (प्रति पूर्ण वर्ष)। अधिकतम संचय 200 दिन।
  • महिलाओं को 180 दिन मातृत्व अवकाश (दो जीवित संतान तक)।
  • बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना वर्जित।

8️⃣ स्थानांतरण, प्रतिबंध और आचार संहिता

  • संविदा कार्मिक का स्थानांतरण नहीं किया जा सकता
  • किसी अन्य नौकरी या व्यवसाय में संलग्न होने हेतु पूर्व अनुमति आवश्यक
  • नैतिकता, अनुशासन, वर्दी इत्यादि के नियमों का पालन अनिवार्य है।

9️⃣ सेवा समाप्ति और अनुशासन

  • 3 महीने की नोटिस या वेतन देकर सेवा समाप्त की जा सकती है।
  • यदि कर्मचारी सेवा के लायक नहीं समझा गया या अनुशासनहीनता की पुष्टि हुई, तो बिना नोटिस तत्काल सेवा समाप्त की जा सकती है।

🔍 स्क्रीनिंग और नियमितीकरण

यदि किसी योजना/परियोजना का संविदात्मक पद नियमित सेवा में परिवर्तित होता है तो:

  • कम से कम 5 वर्षों का संतोषजनक अनुभव आवश्यक है।
  • एक स्क्रीनिंग कमेटी मूल्यांकन करेगी।
  • 3 वर्षों के अनुभव पर 1 वर्ष की वेटेज दी जाएगी।
  • नियमितीकरण के लिए RPSC या आयोग की स्वीकृति आवश्यक होगी।

📑 निष्कर्ष:

राजस्थान सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों के लिए बनाए गए ये नियम एक पारदर्शी, संगठित और लाभकारी ढांचा प्रदान करते हैं। इससे योजनाओं में काम करने वाले कार्मिकों को भविष्य की सुरक्षा, सुविधाएं और सेवा नियमों के समान अधिकार मिलते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से NHM जैसे संवेदनशील विभागों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

SURENDRA CHOUDHARY

Surendra Choudhary is a part-time blogger and content creator with a keen interest in government medical jobs, nursing, paramedical recruitment, and health schemes in India and Rajasthan. Alongside his professional work, he manages rajnhm.com, where he shares authentic updates, official notifications, and helpful guides for aspirants and healthcare professionals. His goal is to make complex information accessible and useful for everyone.

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